
किसी उत्पाद को दूसरे बाजार में बेचने के लिए केवल उसका अच्छा होना पर्याप्त नहीं होता। खरीदार यह भी जानना चाहता है कि उत्पाद की गुणवत्ता किस मानक के अनुसार है, उसके निर्माण में कौन-सी प्रक्रिया अपनाई गई है और क्या वह संबंधित बाजार के नियमों एवं आवश्यकताओं को पूरा करता है। इसलिए व्यवसायी के लिए Quality Standards और Certification को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।
BIS और ISO क्या है?
यहाँ एक सामान्य भ्रम भी दूर करना जरूरी है। BIS और ISO एक ही चीज नहीं हैं। BIS भारत में मानकों और कुछ उत्पादों से संबंधित अनुरूपता/प्रमाणीकरण व्यवस्था से जुड़ा है, जबकि ISO अंतरराष्ट्रीय मानकों की संस्था है और अलग-अलग ISO standards के अनुसार certification की व्यवस्था हो सकती है। इसलिए हर व्यवसाय के लिए केवल “ISO Certificate” लेना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता; पहले यह देखना आवश्यक है कि उसके उत्पाद और बाजार के लिए कौन-सा मानक लागू है।
इसी तरह Export में Certificate of Origin जैसे दस्तावेज भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। यह प्रमाणित करता है कि उत्पाद किस देश में उत्पादित या निर्मित हुआ है और इसे अधिकृत संस्थाओं के माध्यम से जारी किया जाता है। � कुछ उत्पादों के लिए अतिरिक्त गुणवत्ता प्रमाणपत्र, निरीक्षण या नियामक अनुमति भी आवश्यक हो सकती है।
एक अनुभवी Business Coach व्यवसायी को यह समझने में सहायता कर सकता है कि उसके उत्पाद के लिए कौन-सा Quality Standard आवश्यक है, किस संस्था से संपर्क करना है, कौन-से दस्तावेज तैयार करने हैं और उत्पाद की Quality, Packaging, Label, Brand Presentation और Marketing में क्या सुधार किए जाने चाहिए। जब उत्पाद की गुणवत्ता मजबूत हो और उसके प्रमाण एवं प्रस्तुति व्यवस्थित हों, तब विदेशी खरीदारों के सामने व्यवसाय को अधिक पेशेवर तरीके से प्रस्तुत करना आसान हो जाता है।
Apni email ko darj Karen aur important update ko sidhe email per prapt Karen